दि.19.8.17 को भायखला के सुमेर टॉवर के प्रांगण में जैन भक्ति संगीत सम्राट श्री विपिनजी पोरवाल ओर मंच संचालन भरत एन. कोठारी के नेतृत्व में पर्युषण महापर्व की दूसरी भक्ति संपन हुई।और भक्ति का आलम ये रहा कि जिस सुमेर टॉवर में 10बजे से 10.30 तक भक्त भक्ति सुन के चले जाते है। लेकिन आज पहली बार उस प्रागण में एक नया चमत्कार हुआ।
हुआ ये की भक्ति एक नया इतिहास वहाँ बना।भक्ति देर रात 12.15 बजे तक चली।भाई विपिनजी पोरवाल को माँ सरस्वती का इस भक्ति में ऐसा आर्शीवाद मिला के पिछली सारी भक्ति के रिकॉर्ड उन्होंने तोड़ दिये।उनकी एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने लोगो का दिल जीत लिया।
जब उन्होंने माँ-बाप ओर बहन की रचना की प्रस्तुती दी तो उस भक्ति मंडप में बैठा ऐसा एक भी व्यक्ति ऐसा नही होगा जिनकी आंखों में आँसुओ की धारा नही निकली हो।
भक्त उठने को नाम नही ले रहे थे।विपिनजी के बार-बार आग्रह करने पर भी वह पर बैठे भक्त कह रहे थे।विपिनजी एक गीत और एक गीत और कोई उठने का नाम ही नही ले रहे थे
और अंत मे सुमेर टॉवर जैन संघ के अध्यक्ष श्री अरुणभाई,विजयजी रांका ओर जीतूभाई जैन को उठना पड़ा और उनको कहना पड़ा कि आज सुमेर टॉवर ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये।यहाँ भक्ति होती है।लेकिन कोई ज्यादा देर तक नही बैठते है।लेकिन आपने ऐसा क्या जादू किया कि एक भी भक्त उठने का नाम नही ले रहा है।हमने आज दिन तक ऐसी भक्ति नही देखी।जिसमे सब गीतों का समावेश था।खरोखर पुरा संघ आप की खुब-खूब अनुमोदना करता है।
और उसी मंच से सुमेर टॉवर जैन संघ के सचिव जितुभाई ने घोषणा की ।की अगले पर्युषण के सातों के सातों भक्ति हम आपको दिलायेंगे ताकि हम आपकी सच्ची अनुमोदना कर सके।
संघ द्वारा हम दोनों का बहुमान किया गया।कार्यक्रम का मंच संचालन करने का मौका मुझे मिला।
श्री सुमेर टॉवर जैन संघ की खुब-खूब अनुमोदना जिन्होंने हमे भक्ति करने का मौका प्रदान किया।
*भरत एन. कोठारी*
*भरत एन. कोठारी*







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