* दि.20.8.17 को जोगेश्वरी स्तिथ,श्री धर्मनाथ जैन संघ में,संगीत सम्राट विपीनजी पोरवाल और मंच संचालक श्री भरत कोठारी ने सारे विक्रम ढेर किये।*
कहते है कि भक्ति वही जो भक्तों को रिझाये,भक्त को भगवन से,आत्मा को परमात्मा से जोड़े।
संगीत सम्राट विपीनजी पोरवल ने दिनाक 20 अगस्त को जोगेश्वरी के श्री धर्मनाथ जैन संघ में ऐसा समा बांधा की पुराने सारे विक्रम तो धराशायी हुए ही साथ ही आने वाले समय के लिए भी किसी कलाकार का इस दर्जे का कार्यक्रम हो सकता है,ये कहना असंभव लगता है।
नवकार मन्त्र,प्रभु भक्ति,नाकोडा भैरव भक्ति,मात-पिता,बेटी-बेटा,धर्म पत्नी आदि हर विषय पर विपन भाई ने जो भाववाही गीत प्रस्तुत किये,जो माहौल बनाया वो इतना जबरदस्त और संतुलित था कि शाम 8.30 को पधारे लगभग 400 श्रोता रात 12.30 तक घर जाने को तैयार नहीं थे। विपिन भाई की गायिकी सुनकर कोई श्रोता ऐसा नहीं होगा की उसकी आँखे नहीं चलखी होगी।
मंच संचालक,समाजरत्न,मि.भा. भा ज पा के उपाध्यक्ष श्री भरत कोठारी ने सिमित परंतु संतुलत शब्दो में संचालन कर कार्यक्रम को आगाज दिया,और विपिन भाई ने इसे जबर्दस्त तरीके से अंजाम तक पहुचाया।
तारीफ करे उतनी कम है,मगर इतना कहना ही पड़ेगा की विपिन भाई को कोई संगीत सम्राट कहता है तो ऐसे ही नही कहता,उनकी आवाज,अंदाज और आगाज सब अलग है और सबसे जुदा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के ट्रस्ट मंडल और समस्त जैन संघ का सहयोग अतुलनीय रहा।
14 की तिथि,अनेको की तपस्या,तथा भरपूर बारिश के बावजूद भी लोगो का उत्साह अभूतपूर्व था।
आज बिपिनभाई के facebook और youtube पर चाहको की संख्या बढ़ती जा रही है और विपिन भाई के नाम से हजारो लोग जमाँ हो रहे है तो वाकई में उनका सरल स्वाभाव और अनुपम गायिकी,और सुंदर प्रस्तुति का त्रिवेणी संगम है।
प्रभु से प्रार्थना की विपिनभाइ और भरत कोठारी पर माँ शारदा की कृपा ऐसे ही बरसती रहे।
संगीत सम्राट विपीनजी पोरवल ने दिनाक 20 अगस्त को जोगेश्वरी के श्री धर्मनाथ जैन संघ में ऐसा समा बांधा की पुराने सारे विक्रम तो धराशायी हुए ही साथ ही आने वाले समय के लिए भी किसी कलाकार का इस दर्जे का कार्यक्रम हो सकता है,ये कहना असंभव लगता है।
नवकार मन्त्र,प्रभु भक्ति,नाकोडा भैरव भक्ति,मात-पिता,बेटी-बेटा,धर्म पत्नी आदि हर विषय पर विपन भाई ने जो भाववाही गीत प्रस्तुत किये,जो माहौल बनाया वो इतना जबरदस्त और संतुलित था कि शाम 8.30 को पधारे लगभग 400 श्रोता रात 12.30 तक घर जाने को तैयार नहीं थे। विपिन भाई की गायिकी सुनकर कोई श्रोता ऐसा नहीं होगा की उसकी आँखे नहीं चलखी होगी।
मंच संचालक,समाजरत्न,मि.भा. भा ज पा के उपाध्यक्ष श्री भरत कोठारी ने सिमित परंतु संतुलत शब्दो में संचालन कर कार्यक्रम को आगाज दिया,और विपिन भाई ने इसे जबर्दस्त तरीके से अंजाम तक पहुचाया।
तारीफ करे उतनी कम है,मगर इतना कहना ही पड़ेगा की विपिन भाई को कोई संगीत सम्राट कहता है तो ऐसे ही नही कहता,उनकी आवाज,अंदाज और आगाज सब अलग है और सबसे जुदा है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के ट्रस्ट मंडल और समस्त जैन संघ का सहयोग अतुलनीय रहा।
14 की तिथि,अनेको की तपस्या,तथा भरपूर बारिश के बावजूद भी लोगो का उत्साह अभूतपूर्व था।
आज बिपिनभाई के facebook और youtube पर चाहको की संख्या बढ़ती जा रही है और विपिन भाई के नाम से हजारो लोग जमाँ हो रहे है तो वाकई में उनका सरल स्वाभाव और अनुपम गायिकी,और सुंदर प्रस्तुति का त्रिवेणी संगम है।
प्रभु से प्रार्थना की विपिनभाइ और भरत कोठारी पर माँ शारदा की कृपा ऐसे ही बरसती रहे।
✍ प्रदीप एम् ढालावत
(चाणोद/जोगेश्वरी)
(चाणोद/जोगेश्वरी)
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